बैतूल। विश्व अंतर्राष्टीय महिला दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय को हमेंश साफ सुथरा रखने वाली स्व’छता की प्रहरी महिलाओं का अटल मानव समस्या निवारण समिति द्वारा पैर पखारकर, आरती उतारकर, पुष्प गु’छ, साडिय़ां भेंट कर मिठाई खिलाकर सम्मान किया। इस मौके पर समिति संयोजक राजेन्द्र सिंह चौहान (केन्डु बाबा) कि ये स्व’छता की प्रहरी महिलाओं का आज सम्मान किया है जो पूरे जिला अस्पताल को साफ रखती है। कुछ लोग इन्हें हीन भावना से देखने की भूल करते हैं। समाज में यह भावना समाप्त होनी चाहिए। समिति द्वारा विगत 10 वर्षो से महिलाओं का इसी तरह सम्मान किया जा रहा है। शैलेन्द्र बिहारिया व निर्देश मदरेले ने बताया कि आज हमने महिलाओं के सम्मान में व शासन की मंशानुरूप पिंक कपड़े पहले हैं।
उन्होने कहा कि ‘चूड़ी की कमजोर ना समझो, चूड़ी की ताकतत को समझो, चूड़ी पहन बैठना कहना, कामचोर की उपमा, सुन-सुन के ऐसे मुहावरे लगता नारी को सदमा’। इस अवसर पर प्रकाश शिंदे ने बताया कि हम सभी महिलाओं का सम्मान करें, क्योंकि जहां नारी का सम्मान होता है वहां देवता वास करते हैं। इस अवसर पर सम्मानित जमुना मालवी ने सम्मान से अभिभूत होकर कहा कि हमें समाज में हीन भावना से देखा जाता है क्योंकि हम सफाईकर्मी हैं? ऐसे में संस्था पैर पखारकर सम्मान अभिनव पहल है। इस मौके पर श्रीमती मंजू उपासे, वंदना देशमुख, सुनीता साहू, तुलसी साहू, नितेश मालवी, राहुल मिश्रा उपस्थित थे।
इनका किया सम्मान
महिला दिवस पर जिन स्व’छता प्रहरियों का सम्मान किया गया उनमें सुनीता सलामें, शांति यादव, नानी बाई, जमुना मालवी, माया कसारे, सुनीता पंवार, शोभा मंोगरे, अंजनी पंवार, रंजीता चुटेल, गंगा सांडे, रामा इवने शामिल थी।





















