श्री विनायकम् काॅलेज बैतूल में महर्षि वाल्मिकी के जन्मदिवस पर संगोष्ठी
एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस अवसर पर काॅलेज प्राचार्य
द्वारा छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार सच्चे गुरू
का मार्गदर्षन प्राप्त होने पर डाकू रत्नाकर से महर्षि वाल्मिकी बनकर
रामायण जैसे महाकाव्य की रचना कर सकते है, उसी प्रकार हर व्यक्ति अपार
क्षमताओं से पूर्ण होता है, और अपनी क्षमताओं का उपयोग कर जीवन में सफलता
प्राप्त कर सकता है। छात्र-छात्राओं ने महर्षि वाल्मिकी के जन्म दिवस पर
रामायण महाकाव्य की मौखिक प्रस्तुति दी, साथ ही संगोष्ठी में भी बढ़-चढ़कर
भाग लिया, इस अवसर पर काॅलेज प्राचार्य एवं सहायक प्राध्यापक श्री व्हाय
साहू, श्रीमति प्रियंका शर्मा, श्री नितेष मालवी, आई.टी. प्रभारी श्री
सचिन वैद्य एवं स्टाॅफ की उपस्थिति रही।




















