आईपीएल में रॉयल चैलेन्जर बैंग्लुरू अंक तालिका में आखिरी स्थान पर है। आरसीबी के कप्तान विराट कोहली है और विराट ही भारतीय टीम के कप्तान भी हैं। क्रिकेट विश्लेषक सवाल उठाने लगे हैं आईपीएल में लगातार हार से क्या विराट कोहली का विश्वास डिग गया है। विराट कोहली हमेशा से ही मजबूत मानसिक स्तर के खिलाड़ी साबित होते रहें हैं। यहां तक की क्रिकेट के लिए उन्होने फिटनेस की अवधारणा को भी बदल दिया है। भारतीय टीम आज जो इतनी फिट दिखती है उसके पीछे कोहली बहुत बड़ी वजह हैं। विराट की वर्तमान स्थिति पर क्रिकेट के पूर्व खिलाडिय़ों की राय।
——————-

क्या आईपीएल का हताश कप्तान भारतीय टीम को विश्व कप जिता सकता है? आईपीएल में विराट कोहली के नेतृत्व में आरसीबी के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद ये सवाल उठ रहे हैं। मेरा मानना है कि विराट एक महान खिलाड़ी हैं होने के साथ प्रोफ़ेशनल भी हैं। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में विगत कुछ समय से भारतीय टीम उनके नेतृत्व में अच्छा प्रदर्शन कर रही है। देश के लिए खेलने का एक अलग ही जज्बा होता है, और फिर सही टीम संयोजन भी महत्वपूर्ण होता है,कुछ बड़े खिलाड़ी होने से ही जीत निश्चित नहीं होती है। आईपीएल में आरसीबी और चेन्नई सुपर किंग इसके उदाहरण हैं और महत्वपूर्ण बात यह है कि भारतीय टीम में विराट के साथ हमेशा सलाहकार कूल धोनी का अनुभव रहता है। मेरा मानना है निराश होने की जरूरत नहीं है टीम इंडिया विराट कोहली के नेतृत्व में विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करेगी और टीम इंडिया विश्व कप जीतने में सक्षम है।
प्रदीप ख्ंाडेलवाल (पूर्व खिलाड़ी)
————————————

आईपीएल टी-20 फॉर्मेट है जबकि विश्व कप 50 ओवर का राष्ट्र आधारित प्रतियोगिता जो कि एक दूसरे से पूर्णता भिन्न है। मुझे नहीं लगता कि आईपीएल में आरसीबी की हार की वजह से कप्तान कोहली पर बहुत ज्यादा प्रभाव पढऩा चाहिए क्योंकि इसके लिए कप्तानी करते समय खिलाड़ी की प्राथमिकताएं मानसिकता काफी अलग रहती है। वैसे भी कोहली विगत सात वर्षों से आरसीबी की कप्तानी कर रहे हैं और इन सात वर्षों में ही सफलता का प्रतिशत सभी को पता है। इसी समय के दौरान कोहली की कप्तानी में भारत अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जबरदस्त सफल रहा है तथा वनडे टेस्ट फॉर्मेट में नंबर वन का मुकाम तक हासिल किया है। हमें यह बात याद रखना चाहिए कि देश के लिए खेलते समय कोहली को इसी आईपीएल प्रतियोगिता के दो सबसे सफल कप्तान रोहित शर्मा व एम एस धोनी का साथ मिलता है जिनके अनुभव से निश्चित ही कप्तान कोहली को खासा लाभ प्राप्त होता है वैसे विश्व कप से अलग रहकर भी देखा जाए तो मेरी राय में कोहली को टी-20 फॉर्मेट की कप्तानी बहुत ज्यादा रास आती नहीं है। मुझे उम्मीद है कि आईपीएल की असफलता से प्रभावित हुए बिना कोहली विश्व कप में भारत को अपने नेतृत्व में सफलता दिलाएंगे।
जयंत बतरा (पूर्व खिलाड़ी)
——————————————

रॉयल चैलेन्जर बैंगलूरू आईपीएल की अंक तालिका में सबसे नीचे के स्थान पर हैं और इस टीम के कप्तान विराट कोहली भारतीय टीम के कप्तान भी हैं। इतने खराब प्रदर्शन से उनकी मनोदशा क्या हेागी इस पर सवालिया निशान लगाए जा रहें हैं। आईपीएल का फार्मेट अलग है, वैसे भी यह क्रिकेट से अधिक मानसिक दृढता का मामला है। जिस पर विराट कोहली हमेशा से खरे उतरे हैं। उनकी मानसिक स्थिति इस बात से ही समझी जा सकती है कि दिल्ली में एक प्रथम श्रेणी का टेस्ट मैच खलते समय वे क्रीज पर थे और दिन का खेल खत्म हो गया उसी रात्रि में उनके पिता की मृत्यु हो गई वे दूसरे दिन फिर मैदान में खेलने के लिए उतरे। दूसरा-एक वक्त विराट के विषय में खबरें छपा करती थी उनका अनुष्का शर्मा के साथ ब्रेकअप हो गया है। इस घटना का कोहली के क्रिकेट जीवन पर कोइ असर नहीं हुआ बल्कि वे लगातार अच्छा स्कोर करते रहे। यह द्योतक है कि कि विराट मानसिक तौर पर बहुत मजबूत व्यक्ति हैं और क्रिकेट पर उनका पूरा फोकस होता है और वे विचलित नहीं होते हैं।
रितेश राठौर (पूर्व खिलाड़ी)
———–

क्लब क्रिकेट में हार से कप्तानी की सफलता और असफलता के मापदंड तय नहीं किए जा सकते हैं। किसी भी मैच को एक कप्तान ही नहीं बल्कि संतुलित टीम भी महत्वपूर्ण होती है। आरसीबी वैसे ही दोयम दर्जे की गेंदबाजों की टीम है जिससे बहुत ज्यादा उम्मीदें नहीं थी। आईपीएल में बोली लगाकर खिलाडिय़ों की खरीदी की जाती है जिसमें एक निश्चित पैसों में ही खरीदी करनी पड़ती है वहीं भारतीय क्रिकेट टीम चुनते समय सर्वश्रेष्ट विकल्प को ध्यान में रखा जाता है। विराट विश्व कप में इसमें भी अलग नजर आएंगे क्योंकि उनके साथ एमएस धोनी और रोहित शर्मा जैसे सलाहकार होंगे। विराट कोहली को एक सशक्त कप्तान हैं। विश्व कप में आईपीएल में उनकी टीम की हार का कोई असर नहीं होगा।
सिद्धार्थ (चिंटु) शर्मा (पूर्व खिलाड़ी)
———————————————

जिस दिन सुनील गावस्कर का जन्म हुआ उस दिन उनके चाचा उन्हें देखने अस्पताल पहुंचे, उन्होंने देखा कि सनी के कान के पास एक छोटा सा छेद है। लेकिन जब वे सनी को देखने अगले दिन आए तो उन्हें वह छेद नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने यह जानकारी अस्पताल के स्टाफ को दी और तब उन्होंने ढूंढाई शुरू की। कुछ देर के बाद पता चला कि सनी एक मछुआरे की महिला के पास लेटे थे। शायद अस्पताल में वह मछुआरे के बच्चे से बदल गए थे। सोचिए अगर उनके चाचा की नजरें पारखी नहीं होती तो इंडियन क्रिकेट का यह सितारा शायद मछली पकडऩे का कीर्तिमान बना रहा होता।
– एक्सट्रा कवर






















