गुरू गोविंद दोऊ खड़े काके लागु पाये
बलहारी गुरू आपकी जो नोटा दिया बताये
बैतूल । धरने के 58वें दिवस पर सेवानिवृत्त शिक्षक बीआर घोरसे को शहर के कुछ नवमतदाता युवकों के द्वारा माला पहनाकर आशीर्वाद लिया। श्री घोरसे ने जन जागरूकता एवं नोटा की जानकारी देते हुए कहा कि अधिकांश नेताओं और शातिर बाबाओं में ज्यादा फर्क नहीं है। दोनो ही मुखौटा लगाकर अपना मायाजाल फैलाते हैं ऐसे पाखंडियों को रोकने की श्री घोरसे की अनुठी पहल से शहर के कुछ नवमतदाताओं ने प्रशंसा करते हुए कहा कि घोरसे शिक्षक ने हमें बताया कि नोटा किस तरह प्रभावी विकल्प हो सकता है।



















